सामाजिक सुरक्षा कोषांग

ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा 15 अगस्त, 1995 में गरीब परिवार को सामाजिक सहायता प्रदान करने के उद्देष्य से भारत के संविधान के अनुच्छेद 41 एवं 42 में अंतरनिहित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों की प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत (NSAP) राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (NOAPS) और राष्ट्रीय परिवार हित लाभ योजना की शुरुआत की गई। इसके अन्तर्गत गरीबी उन्मूलन हेतु 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को 75 रुपया प्रति माह की दर से पेंशन तथा गरीब परिवार के मुखिया के सामान्य दशा में मृत्यु पर 5000 रुपये तथा दुर्घटना के कारण मृत्यु की दशा में 10,000 सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया।

कलांतर में दिनांक 19.11.2007 में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को इंदिरा गाँधी वृद्धावस्था पेंषन योजना के नाम से परिभाषित किया गया है। 01.02.2009 से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना लागू किया गया जिसके तहत् 40 से 64 वर्ष के विधवा जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रही हो को योजना से अच्छादित किया गया। 01.02.2009 से ही इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना के शुरुआत की गई। जिसके तहत् 18 से 79 वर्ष के 80% या अधिक की विकलांगता वाले गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले व्यक्तियों को आच्छादित किया गया।

उक्त राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं के लागू होने के बाद अधिकांश गरीब, असहाय एवं उपेक्षित लोगों को सामाजिक सहायता प्रदान करने के हेतु सार्थक प्रयास किये गये परन्तु उक्त योजनाओं के मानदंड को पूरा नहीं सकने वाले व्यक्तियों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को लागू किया गया जिसमें बी0पी0एल0 संख्या नहीं रखने वाले गरीब वृद्ध-वृद्धा, विमुक्त बंधुआ मजदूर, 18 वर्ष से 40 वर्ष के विधवाओं एवं 18 से 79 वर्ष के 40% के विकलांगता वाले व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा पेंशन प्रदान करने का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार द्वारा दिनांक 08.07.2015 के प्रभाव से झारखण्ड राज्य में निवासित आदिम जनजाति समूह के परिवार की विवाहित महिला जो सरकार द्वारा किसी अन्य पेंशन योजना से आच्छादित नहीं हो को प्रति माह 600 रुपये की दर से पेंशन प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के लिए बी0पी0एल0 सूची में नाम एवं वार्षिक आय की सीमा में छूट दिया गया। राज्य सरकार द्वारा वितीय वर्ष 2016-17 के जून माह में विभागीय संकल्प सं0 03/म0स0/योजना- 159/2016-1272, दिनांक 23.05.2016 द्वारा राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना लागू किया है, जिसमें बी0पी0एल0 सूची में नाम एवं वार्षिक आय की सीमा से छूट दिया गया है। पुनः इसी वर्ष विभागीय संकल्प सं0 03/म0स0/रा0यो0- 169/2016-1522, दिनांक 17.06.2016 के द्वारा HIV/AIDS व्यक्तियों के लिए राज्य सुरक्षा पेंशन योजना लागू किया गया है।

केन्द्र प्रायोजित एवं राज्य सरकार द्वारा लागू पेंशन योजनाओं की अर्हत्ता एवं शर्तो की विवरणी निम्नवत् है:-

पेंशन योजनाओं की अर्हत्ता एवं शर्तो की विवरणी
योजना का नाम अर्हत्ता एवं देय कुल पेंशन राशि
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (60-79 वर्ष आयु वर्ग) 60-79 वर्ष की आयु के ग्रामीण क्षेत्र में 7,995/- रू0 तथा शहरी क्षेत्र में 9,974/- रू0 तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को (जो गरीबी रेखा से नीचे है), कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंषन देय है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंषनधारियों को 700/- (सात सौ) रू0 प्रतिमाह की दर से पेंशन देय है।
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (40-79 वर्ष आयु वर्ग) 40-79 वर्ष की आयु के ग्रामीण क्षेत्र में 7,995/- रू0 तथा शहरी क्षेत्र में 9,974/- रू0 तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को (जो गरीबी रेखा से नीचे है). कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना (18-79 वर्ष आयु वर्ग) 18-79 वर्ष की आयु के ग्रामीण क्षेत्र में 7,995/- रू0 तथा शहरी क्षेत्र में 9,974/- रू0 तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को (जो गरीबी रेखा से नीचे है). कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना उपर्युक्त तीनों पेंषन योजनाओं से अनाच्छादित 60 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के व्यक्तियों, 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विधवाओं, 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के 40 प्रतिषत विकलांगता वाले व्यक्तियों, निर्धन, असहाय, एवं विमुक्त बंधुआ मजदूरों को, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र 10,500/- रू0 तथा शहरी क्षेत्र में 12,500/- रू0 से अधिक नहीं है, कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
आदिम जन-जाति पेंशन योजना इस योजना के लाभान्वित आदिम जन-जाति समूह (असुर, बिरहोर, बिरजीया, हिल-खरिया, कोरवा, माल पहाडिया, परहिया, सौरिया पहाड़िया, एवं सबर) के सदस्य होंगे एवं उन्हें सरकार द्वारा किसी पेंषन योजना में लाभान्वित नहीं किया जा रहा है और न किसी सरकारी एवं निजी अथवा सर्वजनिक क्षेत्रों में नौकरी करते हों, जिसे उन्हें नियमित मासिक आय की प्राप्ति हो रही हो, वैसे परिवार की विवाहित महिला को इस पेंषन योजना का लाभ दिया जाए। यदि किसी परिवार में विवाहित महिला न हो तो वैसी परिस्थिति में परिवार के मुखिया के नाम से पेंषन की स्वीकृति की जाए। इस योजना में लाभुकों के लिए बी0पी0एल0 सूची में नाम एवं वार्षिक आय सीमा में छूट रखी गयी है। वैसे आदिम जनजाति परिवारों के लिए कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना इस योजना के लाभान्वित 18 वर्ष से अधिक उम्र की विधवाओं को पेंषन देय है इस योजना में लाभुकों के लिए बी0पी0एल0 सूची में नाम एवं वार्षिक आय सीमा में छूट रखी गयी है। इस योजना के लिए कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
राज्य सुरक्षा पेंशन योजना इस योजना के लाभान्वित HIV/AIDSपीड़ित व्यक्तियों के लिए राज्य सुरक्षा पेंषन योजना से पेंषन देय है इस योजना में लाभुकों के लिए बी0पी0एल0 सूची में नाम एवं वार्षिक आय सीमा में छूट रखी गयी है। इस योजना के लिए कुल-600/- (छः सौ) रू0 प्रतिमाह पेंशन देय है।
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस): बीपीएल सूची में अंकित अथवा ग्रामीण छेत्र एवं शहरी छेत्र हेतु क्रमशः 7,995/-रु० तथा 9,974/-रु० तक की वार्षिक आय सीमा से कम आय वाले परिवार के जीविकोपार्जन करने वाले मुख्य अर्जनकर्ता पुरुष/महिला, जिनकी आयु 18-59, वर्ष के हो, की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को एकमुश्त सहायता राशि 20,000/ -(बीस हजार) रूपये प्रदान किया जाता है।

       ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) इस कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन पर नज़र रखता है और योजना आयोग द्वारा पर्याप्त धनराशि आवंटित करता है और साथ ही वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा एसीए की समय पर रिहाई सुनिश्चित करता है। महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तर पर आगे की निगरानी की जाती है। इसके अलावा, कार्यक्रम के कार्यान्वयन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए ई-गवर्नेंस की ओर एक कदम के रूप में, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उपयोग के लिए एनएसएपी-एमआईएस को शुरू किया है और एनएसएपी वेबसाइट लॉन्च की है। (Nsap.nic.in)
पेंशनभोगियों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहायता प्रदान करने हेतु सभी अंचल कार्यालय तथा जिला स्तर पर कलेक्टरेट, गुमला के कक्ष संख्या 111 में  जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग,  में सहायता डेस्क कार्यरत है।